सफाई में लापरवाही, लखनऊ में अफसरों का वेतन रोका, जोनल को नोटिस
Newsbyline.com, Lucknow: लखनऊ की सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने पर नगर निगम प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने जोन-4 (गोमतीनगर क्षेत्र) में लगातार निरीक्षण के बाद भी स्थिति में सुधार न होने पर दो अधिकारियों के वेतन पर रोक लगा दी है, जबकि जोनल अधिकारी को नोटिस थमाकर तीन दिनों में स्पष्टीकरण मांगा है।
निरीक्षण में उजागर हुई लापरवाही
नगर आयुक्त गौरव कुमार और अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव ने 19 और 20 अगस्त को जोन-4 के प्रमुख इलाकों, जैसे जी-20 मार्ग और जनेश्वर मिश्र पार्क के आसपास का जायजा लिया था। विभिन्न सार्वजनिक स्थानों और सड़कों के किनारे कूड़ा पड़ा मिलने पर अधिकारियों को सुबह 6 बजे से मैदान में रहकर व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, 21 अगस्त को हुए दोबारा निरीक्षण में भी हालात जस के तस मिले, जिसे अधिकारियों की घोर लापरवाही और आदेशों की अवहेलना माना गया।
प्रमुख स्थानों पर मिलीं खामियां
- पिपरा घाट अंडरपास: जनेश्वर मिश्र पार्क गेट नंबर-6 के पास अंडरपास के नीचे गंदगी और झाड़ियां उगी पाई गईं।
- सत्य अपार्टमेंट मार्ग: जी-20 रोड से सत्य अपार्टमेंट की ओर जाने वाली सड़क पर मलबा बिखरा पड़ा था।
- जी-20 चौराहा व इकाना गेट: चौराहे पर ग्रीन नेट नहीं लगाई गई थी और इकाना स्टेडियम के आसपास सफाई संतोषजनक नहीं पाई गई।
- सुजन विहार कॉलोनी: मुख्य गेट के पास कचरे का ढेर लगा मिला।
लापरवाह अधिकारियों पर गिरी गाज
- वेतन रोकने की कार्रवाई: सफाई एवं खाद्य निरीक्षक बाल गोविंद सिंगरौर और जोनल सेनेटरी अधिकारी पंकज शुक्ला का अगस्त और सितंबर 2026 का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया गया है।
- कारण बताओ नोटिस: जोनल अधिकारी शिल्पा कुमारी को तीन दिनों के भीतर लिखित जवाब देने का निर्देश दिया गया है। समय से संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
नगर निगम की इस सख्त कार्रवाई ने साफ संदेश दिया है कि केवल कागजी निर्देश पर्याप्त नहीं हैं; धरातल पर परिणाम दिखने अनिवार्य हैं। सफाई व्यवस्था में ढिलाई बरतने वाले किसी भी जिम्मेदार को बख्शा नहीं जाएगा।
